Sanskrit tradition in kashmir

आचार्य अभिनवगुप्त

आचार्य अभिनवगुप्त साहित्य के विद्यार्थियों और नाट्यशास्त्र के अध्येताओं के लिये एक सुपरिचित व्यक्तित्व हैं। आचार्य अभिनवगुप्त भरतमुनिप्रणीत नाट्यशास्त्र के टीकाकार, काव्यशास्त्रमर्मज्ञ और प्रमुख शैवाचार्य हैं। उन्होंने भारतीय काव्यशास्त्र के एक प्रमुख सिद्धान्त ’ध्वनिसिद्धान्त’ के आधारभूत ग्रन्थ ’ध्वन्यालोक’ पर लोचन नामक टीका की रचना की। ’ध्वन्यालोक’ आचार्य आनन्दवर्द्धन प्रणीत सिद्धान्तग्रन्थ […]