Tag: Ayurved

काला तिल खायें: दाँत मजबूत बनायें

हम सभी जानते हैं कि तिल दो प्रकार का होता है काला तिल एवं सफेद तिल। तेल शब्द भी तिल शब्द से ही उत्पन्न हुआ है।आयुर्वेद के वाग्भट रचित ग्रंथ ‘अष्टांगहृदयम्‘ में काल तिल को […]

अपानवायु/Fart रोकने से होने वाला दुष्प्रभाव

अपानवायु, छींक, खाँसी आदि शारीरिक वेगों को नहीं रोकना चाहिये। आयुर्वेद में इन्हें रोकने का निषेध है। इन वेगों के रोकने से अनेक समस्यायें उत्पन्न हो सकती हैं । जिनमें से कुछ बहुत कष्टदायी भी […]

हरड़ /हरीतकी के लाभ

हरड़ का परिचय:- यह त्रिफला (हरड़, बहेड़ा व आँवला ) में से एक है। हरीतकी दो प्रकार की होती है। छोटी हरड़ और बड़ी हरड़। छोटी हरड़ वस्तुतः हरीतकी के अपरिपक्व फल हैं। बड़ी हरड़ […]

पीपल का फल: विभिन्न रोगों में लाभकारी

पीपल एक बहुत ही प्रतिष्ठित, चिरपरिचित वृक्ष है। मैदान से लेकर पहाड़ तक हर जगह पाया जाता है । यह इतना महत्वपूर्ण है क्योंकि श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान् कृष्ण ने कहा है- वृक्षाणां अश्वत्थोऽहं। अर्थात् वृक्षों […]

पौष्टिक गूलर: स्वास्थ्य के लिए वरदान

गूलर एक छायादार वृक्ष है। संस्कृत में इसे उदुम्बर कहते हैं। जिसमें वर्षभर फल आते रहते हैं। फूल कभी दिखाई नहीं पड़ता। इसीलिए न दिखाई पड़ने वाले और न होने वाले कार्य के लिए मुहावरा […]

आयुर्वेद के आठ अंग : विशद विवेचन

  भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के नाम से जानी जाती है। अथर्ववेद का एक उपवेद भी आयुर्वेद है। आचार्य चरक के अनुसार जिस शास्त्र में हित-आयु, अहित-आयु, सुख-आयु, दुःख-आयु का वर्णन प्राप्त हो एवं आयु […]

मंगरैल/कलौंजी/कृष्णजीरक/कृष्णाजाजी/Nigella Sativa/Black cumin

भारतीय रसोईं केवल भोजन बनाने का स्थान नहीं है अपितु औषधालय भी है। रसोईं में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न मसाले रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले तथा स्वास्थ के रक्षक हैं। चोट लगने पर तुरंत […]

सहदेईया । सहदईया । सहदेई। सहदेवी। Vernonia cinerea का परिचय

हमारे आसपास बहुत से औषधीय पौधे हैं, जिनका परम्परागत रूप से रोग-व्याधि-चिकित्सा में हम उपयोग करते आये हैं। इनके चमत्कारिक प्रभाव को भी हम जानते हैं। इन पौधों और वनस्पतियों का आयुर्वेद में वर्णन भी […]

आक/मदार/सफेद मदार/लाल मदार/मन्दार/अर्क/Calotropis gigantea

मदार का पुष्प और फल आशुतोष भगवान् शंकर को बहुत प्रिय है। इसके बिना उनकी पूजा अधूरी है। मदार को हम पूरे देश में यत्र-तत्र-सर्वत्र देख सकते हैं। सड़कों के किनारे, रेल की पटरियों के […]

विषाणु संक्रमण : हमारा व्यवहार एवं सावधानी

आज सम्पूर्ण विश्व कोरोना महामारी झेल रहा है। जीवन में गतिहीनता आ गयी है। चतुर्दिक् भय का वातावरण है। विश्व के समस्त देश कोरोना के संक्रमण से अपने नागरिकों को बचाने का प्रयास कर रहे […]