Tag: वाग्भट

भारतीय कालगणना में छः ऋतुएँ

भारतीय कालगणना भारतीय कालगणना में एक वर्ष में बारह माह, एक माह में दो पक्ष (पाख) – कृष्णपक्ष एवं शुक्लपक्ष, एक पक्ष में पन्द्रह तिथियाँ, कृष्णपक्ष में प्रथमा से अमावस्या तक, शुक्लपक्ष में प्रथमा से […]

आयुर्वेद के अनुसार लौकी के लाभ (Benefits of Bottle Gourd (Cucurbita Lagenaria)

लौकी लगभग पूरे वर्ष उत्पन्न होने वाली हरी सब्जी है। आयुर्वेदग्रन्थों में लौकी का वर्णन ’शाकवर्ग’ के अन्तर्गत किया जाता है। लौकी के विभिन्न नाम संस्कृत-संस्कृत में लौकी को तुम्बी और अलाबू कहते हैं।– अलाबू […]

आयुर्वेद के अनुसार दही के गुण एवं सेवनविधि

दूध, दही, मट्ठा (छाछ), पनीर, मक्खन, घी आदि शाकाहारियों के लिये कैल्शियम और वसा के प्रधान स्रोत हैं। आजकल इन पदार्थों की माँग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। आजकल पैकेटबन्द दूध, दही, मक्खन, छाछ बाजार […]

काला तिल खायें: दाँत मजबूत बनायें

हम सभी जानते हैं कि तिल दो प्रकार का होता है काला तिल एवं सफेद तिल। तेल शब्द भी तिल शब्द से ही उत्पन्न हुआ है।आयुर्वेद के वाग्भट रचित ग्रंथ ‘अष्टांगहृदयम्‘ में काल तिल को […]

भटकटैया का काढ़ा: खाँसी के लिए रामबाण

भटकटैया, कण्टकारी (Yellow Berried Night shade) परित्यक्त स्थानों पर, सड़क के किनारे, बाग-बगीचों में अपने आप उगने वाला पौधा है। इसे भटकटैया इसलिये कहते हैं क्योंकि इसके पत्ते भांटा अर्थात् बैंगन जैसे होते हैं और […]

आयुर्वेद के आठ अंग : विशद विवेचन

  भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के नाम से जानी जाती है। अथर्ववेद का एक उपवेद भी आयुर्वेद है। आचार्य चरक के अनुसार जिस शास्त्र में हित-आयु, अहित-आयु, सुख-आयु, दुःख-आयु का वर्णन प्राप्त हो एवं आयु […]