Tag: अष्टांगहृदयम्

आयुर्वेद के अनुसार लौकी के लाभ (Benefits of Bottle Gourd (Cucurbita Lagenaria)

लौकी लगभग पूरे वर्ष उत्पन्न होने वाली हरी सब्जी है। आयुर्वेदग्रन्थों में लौकी का वर्णन ’शाकवर्ग’ के अन्तर्गत किया जाता है। लौकी के विभिन्न नाम संस्कृत-संस्कृत में लौकी को तुम्बी और अलाबू कहते हैं।– अलाबू […]

काला तिल खायें: दाँत मजबूत बनायें

हम सभी जानते हैं कि तिल दो प्रकार का होता है काला तिल एवं सफेद तिल। तेल शब्द भी तिल शब्द से ही उत्पन्न हुआ है।आयुर्वेद के वाग्भट रचित ग्रंथ ‘अष्टांगहृदयम्‘ में काल तिल को […]

भटकटैया का काढ़ा: खाँसी के लिए रामबाण

भटकटैया, कण्टकारी (Yellow Berried Night shade) परित्यक्त स्थानों पर, सड़क के किनारे, बाग-बगीचों में अपने आप उगने वाला पौधा है। इसे भटकटैया इसलिये कहते हैं क्योंकि इसके पत्ते भांटा अर्थात् बैंगन जैसे होते हैं और […]

आयुर्वेद के आठ अंग : विशद विवेचन

  भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के नाम से जानी जाती है। अथर्ववेद का एक उपवेद भी आयुर्वेद है। आचार्य चरक के अनुसार जिस शास्त्र में हित-आयु, अहित-आयु, सुख-आयु, दुःख-आयु का वर्णन प्राप्त हो एवं आयु […]