मंगरैल/कलौंजी/कृष्णजीरक/कृष्णाजाजी/Nigella Sativa/Black cumin

भारतीय रसोईं केवल भोजन बनाने का स्थान नहीं है अपितु औषधालय भी है। रसोईं में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न मसाले रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले तथा स्वास्थ के रक्षक हैं। चोट लगने पर तुरंत हल्दी-दूध रसोईं से ही आता है। गैस से पीड़ित होने पर जीरा- नमक भी रसोईं […]

ऋतम्भरा तत्र प्रज्ञा

“ऋतम्भरा तत्र प्रज्ञा” पतञ्जलि के योगसूत्र के समाधिपाद का एक सूत्र है। इसकी व्युत्पत्ति है ऋतं सत्यं बिभर्ति इति। भृञ् धातु में ऋत् उपसर्ग तथा खच् और टाप् प्रत्यय द्वारा यह शब्द निष्पन्न हुआ है। इसका अर्थ है सत्यज्ञान को धारण करने वाली प्रज्ञा। इसे समझने के लिए योगदर्शन की […]

बकायन/बकाइन/वकाइन/बकैन/महानिम्ब/Belia Bukayun/ Melia Azadirach

बकायन/बकैन ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी सहजता से उगने वाला पौधा है। इसकी पत्तियाँ दिखने में नीम की पत्तियों जैसी कुछ बड़ी, मोटी तथा गाढ़े रंग की होती हैं। इसके फूल भी नीम के फूलों जैसे गुच्छे में ही आते हैं। वस्तुतः यह नीम की प्रजाति का ही एक पौधा है। […]

किसान रथ मोबाइल एप

भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने कृषि उत्पादों के सुगम परिवहन हेतु ‘किसान रथ’ नामक मोबाइल एप उपलब्ध करवाया है। इस एप के माध्यम से कोरोना संकट काल में कृषि उत्पादों के विपणन एवं परिवहन की सुचारु व्यवस्था सम्भव होगी। वर्तमान में देश में समस्त कार्य अवरुद्ध […]

सावधान रहें ‘ज़ूम’ एप से

कोविड-19 के संक्रमणकाल में सभी एकान्तवास कर रहे हैं। ऐसे में सभी शासकीय एवं सामाजिक गतिविधियाँ ठप हैं। लॉकडाउन कबतक चलेगा इस विषय में अनिश्चितता है। ऐसे में विभिन्न व्यक्ति, संस्थान एवं प्रतिष्ठान अपने कार्यों के लिए। बैठक आदि के लिये ‘ज़ूम’ एप का प्रयोग कर रहे हैं। ज्ञात हो […]

संक्रमित कूड़ा-कचरा प्रबंधन

इस समय हम एक भयंकर महामारी से से जूझ रहा है। विश्व में कोविड-19 से होने वाली मृत्यु तथा संक्रमित व्यक्तियों की संख्या निरन्तर बढ़ रही है। बचाव के लिये मास्क का प्रयोग आवश्यक हो गया है। अधिकतर मास्क एक से दो बार ही प्रयोग में लाये जा सकते हैं। […]

रुपये के नोट हो सकते हैं वायरस के वाहक

आज जब सम्पूर्ण विश्व कोविड-19के संक्रमण से जूझ रहा है। बचाव के लिए अनेक उपाय किये जा रहे हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि व्यक्ति स्वयं भी सजग रहे और ऐसे किसी भी वस्तु से सावधान रहे जो कोरोना के संक्रमण को बढ़ाने और फैलाने का कारक […]

मलिन गंगा

प्रयाग का नाम आते ही ध्यान आता है-तीर्थराज प्रयाग, कल-कल प्रवाहित निर्मल गंगा। परन्तु इसके साथ ही तुरन्त ध्यान आता है कि गंगा की निर्मलता तो कल की बात थी आज तो गंगा के निर्मल प्रवाह को लगातार मलिन किया जा रहा है। नमामि गंगे गंगा को पुनः निर्मल बनाने […]

सहदेईया । सहदईया । सहदेई। सहदेवी। Vernonia cinerea का परिचय

हमारे आसपास बहुत से औषधीय पौधे हैं, जिनका परम्परागत रूप से रोग-व्याधि-चिकित्सा में हम उपयोग करते आये हैं। इनके चमत्कारिक प्रभाव को भी हम जानते हैं। इन पौधों और वनस्पतियों का आयुर्वेद में वर्णन भी प्राप्त होता है। ऐसा ही एक औषधीय पौधा है ‘सहदेईया/सहदेवी’। यह उस भूमि पर जो […]

आचार्य अभिनवगुप्त

आचार्य अभिनवगुप्त साहित्य के विद्यार्थियों और नाट्यशास्त्र के अध्येताओं के लिये एक सुपरिचित व्यक्तित्व हैं। आचार्य अभिनवगुप्त भरतमुनिप्रणीत नाट्यशास्त्र के टीकाकार, काव्यशास्त्रमर्मज्ञ और प्रमुख शैवाचार्य हैं। उन्होंने भारतीय काव्यशास्त्र के एक प्रमुख सिद्धान्त ’ध्वनिसिद्धान्त’ के आधारभूत ग्रन्थ ’ध्वन्यालोक’ पर लोचन नामक टीका की रचना की। ’ध्वन्यालोक’ आचार्य आनन्दवर्द्धन प्रणीत सिद्धान्तग्रन्थ […]