पौष्टिक गूलर: स्वास्थ्य के लिए वरदान

गूलर एक छायादार वृक्ष है। संस्कृत में इसे उदुम्बर कहते हैं। जिसमें वर्षभर फल आते रहते हैं। फूल कभी दिखाई नहीं पड़ता। इसीलिए न दिखाई पड़ने वाले और न होने वाले कार्य के लिए मुहावरा […]

कुल्फा: एक पोषक शाक

कुल्फा को लोणी या लोनी भी कहते हैं क्योंकि यह स्वाद में हल्का खट्टा व नमकीन होता है। वसन्त के बाद ग्रीष्मकाल में यह अपने आप सूखी, परित्यक्त भूमि पर उग आता है। खरबूजे के […]

लम्बे समय से आँखों में लालिमा एवं जलन (conjunctivitis) दूर करने हेतु का सरल उपचार

ग्रीष्म और शीत ऋतु में प्रायः आँखें धूप और ठंड के कारण लाल हो जाती है और उनमें खुजली, जलन व पीड़ा भी होने लगती है। कई बार चिकित्सक के पास जाने और सामान्य चिकित्सा से आँख स्वस्थ हो जाती है परन्तु कई बार सभी प्रकार की चिकित्सा के बाद […]

अजवाइन- गैस और उससे उत्पन्न पेटदर्द में रामबाण 

गैस बनना और उसके कारण पेटदर्द होना सामान्य बात है। प्रायः हर व्यक्ति को इसका सामना करना पड़ता है। अनेक बार गैस घंटों तक नहीं ठीक होती और पेटदर्द होता रहता है। ऐसे में डाॅक्टर […]

आयुर्वेद के आठ अंग : विशद विवेचन

  भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के नाम से जानी जाती है। अथर्ववेद का एक उपवेद भी आयुर्वेद है। आचार्य चरक के अनुसार जिस शास्त्र में हित-आयु, अहित-आयु, सुख-आयु, दुःख-आयु का वर्णन प्राप्त हो एवं आयु […]

सत्कार्यवाद–Satkaryvad

मनुष्य प्रारंभ से ही सृष्टि की उत्पत्ति का कारण एवं जीवन का सत्य जानने के लिए उत्सुक रहा है। जिज्ञासु रहा है। उसकी इसी जिज्ञासावृत्ति ने विभिन्न दर्शनधाराओं का सूत्रपात किया। जब किस तत्त्व के […]

महुआ/मधूक: फूल और कोलँइदी/कोंयदी

बाजार में सबकुछ बारहों माह सहज ही उपलब्ध होंने से लोकजीवन के परम्परागत खाद्य शनैः-शनैः विस्मृत होते जा रहे हैं। खाद्य-संस्कृति की बढ़ती एकरसता ने जिह्वा से लोक में सहज उपलब्ध खाद्यों, विभिन्न प्रकार के […]

फरेंद/गुलरहा फरेंद/राजजम्बू/फलेन्द्रा/जामुन

आर्द्रा के बरसने के बाद फरेंद/जामुन पकने लगी। एक समय था जब सड़क के दोनों किनारों पर जामुन के विशाल वृक्ष पंक्तिबद्ध खड़े रहते थे और जब जामुन पकती थी तो कपड़ों पर टपककर उसे […]

रामायण काकावीन: इण्डोनेशिया की रामकथा

रामायण काकावीन: परिचय  इण्डोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित विशाल देश है। यह विश्व चौथी बड़ी जनसंख्या वाला देश है। इसके साथ ही य यह सबसे बड़ा मुस्लिम जनसंख्या वाला देश भी है। इस देश में […]

विवर्तवाद

विवर्तवाद अद्वैतवेदान्त का कार्य-कारणवाद है। अद्वैत वेदान्त के प्रवर्तक आचार्य शंकर ने आकाशादि प्रपंचमय जगत् को कार्य एवं ब्रह्म को कारण कहा है। उन्होंने प्रपंचमय जगत् एवं कार्णरूप ब्रह्म मे अनन्यनत्व स्थापित किया है। परन्तु […]