काला तिल खायें: दाँत मजबूत बनायें

हम सभी जानते हैं कि तिल दो प्रकार का होता है काला तिल एवं सफेद तिल। तेल शब्द भी तिल शब्द से ही उत्पन्न हुआ है।आयुर्वेद के वाग्भट रचित ग्रंथ ‘अष्टांगहृदयम्‘ में काल तिल को […]

वैशेषिक दर्शन के प्रमुख आचार्य एवं उनके ग्रन्थ

वैशेषिक दर्शन: सामान्य परिचय भारतीय दर्शन परम्परा के अंतर्गत षड्दर्शन में वैशेषिक एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है । वैशेषिक दर्शन का परमाणुवाद सृष्टि की अत्यंत वैज्ञानिक परिकल्पना प्रस्तुत करता है । वैशेषिक दर्शन के प्रवर्तक […]

भटकटैया का काढ़ा: खाँसी के लिए रामबाण

भटकटैया, कण्टकारी (Yellow Berried Night shade) परित्यक्त स्थानों पर, सड़क के किनारे, बाग-बगीचों में अपने आप उगने वाला पौधा है। इसे भटकटैया इसलिये कहते हैं क्योंकि इसके पत्ते भांटा अर्थात् बैंगन जैसे होते हैं और […]

असत्कार्यवाद-Asatkaryvad

न्याय-वैशेषिक     के कार्य-कारण सिद्धान्त को असत्कार्यवाद के नाम से जाना जाता है । अत्सकार्यवादी कार्य को असत् मानते हैं अर्थात् कार्य का अपने उत्पत्ति से पूर्व अस्तित्व नहीं मानते। न्याय-वैशेषिक का मानना है कि […]

दूसरे राज्यों में फंसे लोगों के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेन

  कोरोना से संबंधित ताजा ख़बरों के लिए क्लिक करें  कृपया ध्यान दें अगर आप नीचे दिए गए राज्यों से UP आना चाहते हैं तो नीचे दिए राज्यों के पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं. धीरे […]

मल: पुरीष रोकने से होने वाली समस्यायें

शरीर के आवश्यक और स्वाभाविक वेगों को नहीं रोकना चाहिये। आयुर्वेद इन वेगों को रोकने का निषेध करता है । परन्तु व्यक्ति देश-काल-परिस्थिति के अनुसार इन वेगों को कभी न कभी रोकता ही है।कुछ लोगों […]

अपानवायु/Fart रोकने से होने वाला दुष्प्रभाव

अपानवायु, छींक, खाँसी आदि शारीरिक वेगों को नहीं रोकना चाहिये। आयुर्वेद में इन्हें रोकने का निषेध है। इन वेगों के रोकने से अनेक समस्यायें उत्पन्न हो सकती हैं । जिनमें से कुछ बहुत कष्टदायी भी […]

बड़हल/बड़हर खाने में सावधानी

बड़हर (लकुच) एक फल है। जिसका अचार भी बनाया जाता है। अष्टांगहृदयम् के अनुसार बड़हर का फल अधम गुणों वाला होता है तथा यह वात-पित्त-कफ आदि सभी दोषों को उभारने वाला होता है। –“फलानामवरं तत्र […]

चेहरे की झाईं कैसे दूर करें

झाईं होने का कारण एवं लक्षण:- चिड़चिड़ापन, शोक एवं क्रोध के कारण उभरे वात-पित्त दोषों के प्रकोप से मुखमंडल पर साँवला चकत्ता पड़ जाता है। उसी को झाईं कहते हैं। आयुर्वेद में इसे ‘व्यङ्ग’ कहते […]

लहसुन की खीर बनाने की विधि: टीबी, टाइफाइड और सायटिका में रामबाण

लहसुन की खीर दूर करे टीबी, सायटिका, हृदयरोग, विद्रधि (abscess) तथा विषम ज्वर:- लहसुन खीर बनाने की विधि:- 100ग्राम छिला तथा सुखाया हुआ लहसुन लें उसे आठ गुने अर्थात् 800ग्राम पानी और आठ गुने अर्थात् […]