हाइड्राॅक्सीक्लोरोक्विन (HCQ): कोरोना में दी जा रही दवा की सामान्य जानकारी

इस समय कोविड-19 के कारण मलेरिया में दी जाने वाली दवा हाइड्राॅक्सीक्लोरोक्विन बहुत चर्चा में है। इसका उपयोग आटोइम्यून रोगों में भी किया जाता है । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर भारत, […]

गुड़हल (Hibiscus) के औषधीय गुण

हम सभी के घर में या हमारे आसपास हमारे परिवेश में हमने लाल गुड़हल (hibiscus) अवश्य देखा होगा। हम इसे शोभाकारी पौधे के रूप में जानते हैं और इसके फूल मंदिर में देवी-देवता को चढ़ाये […]

अंगूर – Grapes स्वास्थ्य के लिए उत्तम फल

अंगूर(द्राक्षा/दाख/Grapes) से हम सभी परिचित हैं। आज हम यह जानेंगे कि अंगूर के विषय में आयुर्वेद क्या कहता है? और यह स्वास्थ्य के लिये किस प्रकार लाभकारी है? अंगूर एक फल है। आयुर्वेद में इसकी […]

काला तिल खायें: दाँत मजबूत बनायें

हम सभी जानते हैं कि तिल दो प्रकार का होता है काला तिल एवं सफेद तिल। तेल शब्द भी तिल शब्द से ही उत्पन्न हुआ है।आयुर्वेद के वाग्भट रचित ग्रंथ ‘अष्टांगहृदयम्‘ में काल तिल को […]

वैशेषिक दर्शन के प्रमुख आचार्य एवं उनके ग्रन्थ

वैशेषिक दर्शन: सामान्य परिचय भारतीय दर्शन परम्परा के अंतर्गत षड्दर्शन में वैशेषिक एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है । वैशेषिक दर्शन का परमाणुवाद सृष्टि की अत्यंत वैज्ञानिक परिकल्पना प्रस्तुत करता है । वैशेषिक दर्शन के प्रवर्तक […]

भटकटैया का काढ़ा: खाँसी के लिए रामबाण

भटकटैया, कण्टकारी (Yellow Berried Night shade) परित्यक्त स्थानों पर, सड़क के किनारे, बाग-बगीचों में अपने आप उगने वाला पौधा है। इसे भटकटैया इसलिये कहते हैं क्योंकि इसके पत्ते भांटा अर्थात् बैंगन जैसे होते हैं और […]

असत्कार्यवाद-Asatkaryvad

न्याय-वैशेषिक     के कार्य-कारण सिद्धान्त को असत्कार्यवाद के नाम से जाना जाता है । अत्सकार्यवादी कार्य को असत् मानते हैं अर्थात् कार्य का अपने उत्पत्ति से पूर्व अस्तित्व नहीं मानते। न्याय-वैशेषिक का मानना है कि […]

दूसरे राज्यों में फंसे लोगों के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेन

  कोरोना से संबंधित ताजा ख़बरों के लिए क्लिक करें  कृपया ध्यान दें अगर आप नीचे दिए गए राज्यों से UP आना चाहते हैं तो नीचे दिए राज्यों के पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं. धीरे […]

मल: पुरीष रोकने से होने वाली समस्यायें

शरीर के आवश्यक और स्वाभाविक वेगों को नहीं रोकना चाहिये। आयुर्वेद इन वेगों को रोकने का निषेध करता है । परन्तु व्यक्ति देश-काल-परिस्थिति के अनुसार इन वेगों को कभी न कभी रोकता ही है।कुछ लोगों […]

अपानवायु/Fart रोकने से होने वाला दुष्प्रभाव

अपानवायु, छींक, खाँसी आदि शारीरिक वेगों को नहीं रोकना चाहिये। आयुर्वेद में इन्हें रोकने का निषेध है। इन वेगों के रोकने से अनेक समस्यायें उत्पन्न हो सकती हैं । जिनमें से कुछ बहुत कष्टदायी भी […]