धान का सामाजिक-सांस्कृतिक पक्ष

धान से तैयार चावल, भात, लाई/मूरी, चिउड़ा/पापड़ आदि अनेक वस्तुयें दैनंदिन जीवन में भोजन-जलपान हेतु प्रयुक्त होती हैं। भारतीय संस्कृति में धान धान का भारतीय संस्कृति में बहुत महत्त्व है। धान प्राचीन काल से ही […]

आम्र/आम के लाभ

आम को फलों का राजा कहा जाता है। आम स्वयं में सम्पूर्ण आहार है। आम का पत्ता, आम की मंजरी, कच्चा आम, पका आम से लेकर आम की गुठली और कच्चा आम दाल में उबालकर […]

अनुमान प्रमाण

अनुमान न्याय-वैशेषिक का दूसरा प्रमाण है। भारतीय दर्शन की प्रमाणमीमांसा में अनुमान का महत्वपूर्ण स्थान है। अनुमिति का करण अनुमान है। अर्थात् अनुमान अनुमिति का साधन है। अनुमितिकरणमनुमानम् अब प्रश्न उठता है कि अनुमिति क्या […]

प्रत्यक्ष प्रमाण

प्रत्यक्ष वह ज्ञान है जो इन्द्रिय और विषय अथवा पदार्थ के सन्निकर्ष अर्थात् संयोग से उत्पन्न होता है। प्रत्यक्ष ज्ञान का करण (साधन) प्रत्यक्ष है। वह दो प्रकार का होता है- निर्विकल्पक (प्रत्यक्ष), सविकल्पक (प्रत्यक्ष) […]

न्याय-वैशेषिक में प्रमा

न्याय-वैशेषिक के ज्ञानमीमांसा की समस्त प्रक्रिया प्रमा (ज्ञान) पर ही आधारित है अतः प्रमा को विधिवत् जान लेना परमावश्यक है। ज्ञान किसी विषय का ही होता है। बिना किसी विषय के ज्ञान संभव नहीं । […]

न्याय-वैशेषिक में बुद्धि (ज्ञान) का स्वरूप

वैशेषिक दर्शन में सात पदार्थ हैं-द्रव्य, गुण, कर्म, सामान्य, विशेष, समवाय एवं अभाव। तत्र द्रव्यगुणकर्मसामान्यविशेषसमवायाभावाः सप्त पदार्थाः। इन सात पदार्थों में दूसरा पदार्थ है-गुण । गुण चौबीस है- रूप, रस, गन्ध, स्पर्श, संख्या, परिमाण, पृथक्त्व, […]

सिरदर्द, बदनदर्द, थकान और हरारत में क्या करें?

जीवनशैली में हुये परिवर्तन एवं मौसम में हुये अचानक परिवर्तन, गल खानपान, नींद में बाधा, एक ही स्थिति में बैठकर देर से काम करने से सिरदर्द, शरीर में टूटने जैसा दर्द, थकान और हरारत आदि […]

खाँसी-जुकाम से मुक्ति का उपाय

आईये जानते हैं खाँसी-जुकाम से बचने और उसे ठीक करने के उपाय। वातावरण में परिवर्तन से प्रायः खाँसी-जुकाम होना सामान्य सी बात है । अनेक व्यक्तियों को बात-बात पर जुकाम होता है और तुरन्त ध्यान […]

शुकसप्तति । Shuksaptati katha

शुकसप्तति एक मनोरंजक, ज्ञानवर्धक एवं उपदेशात्मक कथासंग्रह है। इसकी भाषा संस्कृत है। प्राकृत में भी इसके श्लोक प्राप्त होते हैं । यह गद्य-पद्यात्मक रचना है। ऐसा माना जाता है कि परम्परा के प्रवाह में एक […]

तर्कसंग्रह के अनुसार गुण

गुण वैशेषिक दर्शन के सप्तापदार्थों में से द्वितीय पदार्थ है। गुण की विशेषता है कि गुण द्रव्य के आश्रित होते हैं। द्रव्य में रहते हैं तथा स्वयं निर्गुण एवं निष्क्रिय होता है। गुण की परिभाषा […]