व्रत का सर्वोत्तम आहार- रामदाना/राजगिरा/चौलाई का बीज/ Amaranth

चौलाई/ चौराई के साग से सभी परिचित हैं। हरी साग चौलाई के नाम से जानी जाती है और लाल पत्ते वाले शाक को लाल साग अथवा मेर्सा कहते हैं। इसके देश में विभिन्न नाम प्रचलित […]

गोस्वामी तुलसीदास विरचित “रुद्राष्टकम्”

नमामीशमीशान निर्वाणरूपंविभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं।निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहंचिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहं।। १।। निराकारमोङ्कारमूलं तुरीयंगिरा ग्यान गोतीतमीशं गिरीशं।करालं महाकाल कालं कृपालंगुणागार संसारपारं नतोऽहं।। २।। तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरंमनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरं।स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गंगालसद्भालबालेन्दु कंठे भुजंगा।। ३।। […]

आदि शंकराचार्य विरचित “श्रीकृष्णाष्टकम्”

भजे व्रजैकमण्डनं समस्तपापखण्डनंस्वभक्तचित्तरञ्जनं सदैव नन्दनन्दनम्।सुपिच्छगुच्छमस्तकं सुनादवेणुहस्तकंअनङ्गरङ्गसागरं नमामि कृष्णनागरम्।। १।। मनोजगर्वमोचनं विशाललोललोचनंविधूतगोपशोचनं नमामि[…]

अवसाद का सामाजिक पक्ष

एक ऊर्जावान्, हँसते, खिलखिलाते व्यक्तित्व  का ऐसे जाना व्यथित करने वाला तथा प्रश्नाकुल करने वाला है।आज इस हृदयविदारक घटना के आलोक में अनेक प्रश्नों और समाज के अनेक पक्षों पर सोचने-विचारने आत्मावलोचन व आत्मावलोकन करने […]

स्वास्थ्य के लिए वरदान है अलसी (Flax seed)

अलसी एक तिलहन फसल है। कुछ दशक पूर्व तक अलसी का खानपान में अधिक प्रयोग होता था। परन्तु आजकल अलसी का उत्पादन और प्रयोग दोनों कम हो गया है। अधिकांश घरों में अलसी अब किसी […]

ज्वर/बुखार का उपचार

ज्वर शरीर में वात-पित्तकफ की विषमता के कारण अधिक सोने अथवा न सोने के कारण, भोजन ठीक से न पचने, कब्ज के कारण, अत्यधिक श्रम आदि विभिन्न कारणों से होता है । आयुर्वेद में ज्वर […]

परवल खायें – यूरिक एसिड से मुक्ति पायें

हमारे शरीर में अम्ल और क्षार के मध्य संतुलन होना स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक होता है। अम्ल और क्षार में असंतुलन ही अधिकांश रोगों का कारण है। दिनचर्या में परिवर्तन, गलत खान-पान तथा उचित […]

टाॅप 10 डेली करेंट अफेयर्स

टाॅप 10 डेली करेंट अफेयर्स 22 मई अन्तरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया जाता है – 22 मई नाबार्ड के अध्यक्ष नियुक्त किया गया है – लिंक गोविंदा राजुलु चिंटला रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो […]

पञ्चतन्त्र की सूक्तियाँ : धनविषयक

नहि तद्विद्यते किञ्चिद्यदर्थेन न सिद्धयति। यत्नेन मतिमांस्तस्मादर्थमेकं प्रसाधयेत्।। पञ्चतन्त्र, मित्रभेद, 2 इस विश्व में ऐसी कोई भी वस्तु नहीं होती, जो धन के द्वारा प्राप्त नहीं की जा सकती है। अतएव बुद्धिमान् व्यक्ति को प्रयत्नपूर्वक […]

आयुर्वेद में धान

आयुर्वेद में धान्यवर्ग के अन्तर्गत धान का वर्णन मिलता है जहाँ इसे शालि और व्रीहि दो कोटियों में रखा गया है। धान्यवर्ग में धान्य के शालिधान्य, व्रीहिधान्य, शूकधान्य, शिम्बीधान्य और क्षुद्रधान्य ये पाँच भेद किये […]