Category: आयुर्वेद एवं घरेलू उपचार

हरीतकी /हरड़/Terminalia Chebula

आयुर्वेद में हरीतकी /हरड़ का बहुत महत्व है। इसके विषय में उक्ति प्रसिद्ध है कि माता कुपित हो सकती है पर पेट में गयी हुयी हरड़ कभी भी कुपित नहीं हो सकती। वह सदा लाभ […]

रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय

प्रस्तुत लेख में रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु किये जाने वाले सभी योग, आयुर्वेद एवं लोक में प्रचलित समस्त अनुभूत एवं प्रमाणिक उपायों तथा विधियों को विस्तारपूर्वक सरल शैली में बताया गया है। आशा है कि […]

Satyanashi: सत्यानाशी के लाभ एवं हानि

सत्यानाशी का सामान्य परिचय हमारे परिवेश में बहुत से ऐसे बहुमूल्य औषधीय पौधे हैं जो खरपतवार के रूप में यत्र-तत्र दिख जाते हैं । इनको कोई बोता नहीं, सेवा नहीं करता। फिर भी उगते हैं, […]

गुड़हल (Hibiscus) के औषधीय गुण

हम सभी के घर में या हमारे आसपास हमारे परिवेश में हमने लाल गुड़हल (hibiscus) अवश्य देखा होगा। हम इसे शोभाकारी पौधे के रूप में जानते हैं और इसके फूल मंदिर में देवी-देवता को चढ़ाये […]

अंगूर – Grapes स्वास्थ्य के लिए उत्तम फल

अंगूर(द्राक्षा/दाख/Grapes) से हम सभी परिचित हैं। आज हम यह जानेंगे कि अंगूर के विषय में आयुर्वेद क्या कहता है? और यह स्वास्थ्य के लिये किस प्रकार लाभकारी है? अंगूर एक फल है। आयुर्वेद में इसकी […]

काला तिल खायें: दाँत मजबूत बनायें

हम सभी जानते हैं कि तिल दो प्रकार का होता है काला तिल एवं सफेद तिल। तेल शब्द भी तिल शब्द से ही उत्पन्न हुआ है।आयुर्वेद के वाग्भट रचित ग्रंथ ‘अष्टांगहृदयम्‘ में काल तिल को […]

भटकटैया का काढ़ा: खाँसी के लिए रामबाण

भटकटैया, कण्टकारी (Yellow Berried Night shade) परित्यक्त स्थानों पर, सड़क के किनारे, बाग-बगीचों में अपने आप उगने वाला पौधा है। इसे भटकटैया इसलिये कहते हैं क्योंकि इसके पत्ते भांटा अर्थात् बैंगन जैसे होते हैं और […]

मल: पुरीष रोकने से होने वाली समस्यायें

शरीर के आवश्यक और स्वाभाविक वेगों को नहीं रोकना चाहिये। आयुर्वेद इन वेगों को रोकने का निषेध करता है । परन्तु व्यक्ति देश-काल-परिस्थिति के अनुसार इन वेगों को कभी न कभी रोकता ही है।कुछ लोगों […]

अपानवायु/Fart रोकने से होने वाला दुष्प्रभाव

अपानवायु, छींक, खाँसी आदि शारीरिक वेगों को नहीं रोकना चाहिये। आयुर्वेद में इन्हें रोकने का निषेध है। इन वेगों के रोकने से अनेक समस्यायें उत्पन्न हो सकती हैं । जिनमें से कुछ बहुत कष्टदायी भी […]

लहसुन की खीर बनाने की विधि: टीबी, टाइफाइड और सायटिका में रामबाण

लहसुन की खीर दूर करे टीबी, सायटिका, हृदयरोग, विद्रधि (abscess) तथा विषम ज्वर:- लहसुन खीर बनाने की विधि:- 100ग्राम छिला तथा सुखाया हुआ लहसुन लें उसे आठ गुने अर्थात् 800ग्राम पानी और आठ गुने अर्थात् […]