Category: आयुर्वेद एवं घरेलू उपचार

घूर का दीप (Lamp on the pile of Garbage)

दिवाली में दिया जलाने के स्थान (Places of lamp in Deepawali) दीपावली प्रकाश, समृद्धि और पर्यावरण-संरक्षण का पर्व है। इस दिन घर-बाहर हर स्थान पर दीप जलाया जाता है। अमावस की रात वे स्थान भी […]

मल-मूत्र का वेग रोकने से होने वाले रोग

आयुर्वेद के अनुसार मल-मूत्र, अपानवायु (Fart), छींक, भूख, प्यास, नींद, खाँसी, परिश्रम करने से साँस में आयी तेजी, जम्हा/जँभाई, आँसू और उल्टी आदि की इच्छा उत्पन्न होने पर उसे रोकना नहीं चाहिये। शुक्र का वेग […]

टॉन्सिल में पथरी: कारण, लक्षण, निदान एवं उपचार (Tonsils Stone: Cause, Symptoms, Diagnosis and Treatment )

टॉन्सिल क्या है? (What is Tonsil?) टॉन्सिल हमारे गले में जीभ के पीछे, कण्ठ के पास ऊपर की ओर दोनों तरफ पायी जाने वाली लसिका ग्रन्थियाँ (Lymph Nodes) हैं। ये कोमल और मांसल होती हैं। […]

शरद् पूर्णिमा का सामाजिक एवं वैज्ञानिक महत्त्व

शरद् पूर्णिमा का परिचय आश्विन (क्वार) माह की पूर्णिमा को शरद् पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। चूंकि यह पूर्णिमा शरद् ऋतु में आती है। इसीलिए शरद् ऋतु के आधार पर इसे ‘शरद् पूर्णिमा’ […]

भारतीय कालगणना में छः ऋतुएँ

भारतीय कालगणना भारतीय कालगणना में एक वर्ष में बारह माह, एक माह में दो पक्ष (पाख) – कृष्णपक्ष एवं शुक्लपक्ष, एक पक्ष में पन्द्रह तिथियाँ, कृष्णपक्ष में प्रथमा से अमावस्या तक, शुक्लपक्ष में प्रथमा से […]

हरी मिर्च के विषय में रोचक तथ्य एवं भारत की प्रसिद्ध हरी मिर्च (Interesting Facts about Green Chilli and famous chillies of India)

भोजन को स्वादिष्ट व चटपटा बनाने के लिये  हरी मिर्च का पूरे विश्व में प्रयोग होता है। हरी मिर्च पककर लाल रंग की हो जाती है और सूखने पर भी यह लाल होती है । […]

आयुर्वेद के अनुसार लौकी के लाभ (Benefits of Bottle Gourd (Cucurbita Lagenaria)

लौकी लगभग पूरे वर्ष उत्पन्न होने वाली हरी सब्जी है। आयुर्वेदग्रन्थों में लौकी का वर्णन ’शाकवर्ग’ के अन्तर्गत किया जाता है। लौकी के विभिन्न नाम संस्कृत-संस्कृत में लौकी को तुम्बी और अलाबू कहते हैं।– अलाबू […]

ऋतुपरिवर्तन और बच्चों का स्वास्थ्य एवं देखभाल

ऋतुपरिवर्तन का समय स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत संवेदनशील होता है। वर्ष में तीन बार ऐसा ऋतुपरिवर्तन होता है जो सीधे मानव-स्वास्थ्य को प्रभावित करता है । शीतऋतु अर्थात् ठंडी के बाद जब गर्मी प्रारम्भ […]

आयुर्वेद के अनुसार कूष्माण्ड (कोंहड़ा/कुम्हड़ा/कद्दू/ सीताफल/ Pumpkin) के गुण

कूष्माण्ड/ कद्दू: एक परिचय कूष्माण्ड (कद्दू) एक ऐसा हरा शाक (सब्जी) है जो अनेक रूपों में विविधप्रकार से सेवन किया जाता है। कद्दू की लता का अग्रभाग, पुष्प, कच्चाफल, पकाफल तथा बीज का सेवन किया […]

कफदोष कैसे और कब उत्पन्न होता है?

सामान्यतः लोक में मान्यता है कि ठंड लगने से, मौसम बदलने से, कुसमय सोने-जागने, दिनचर्या में परिवर्तन, ठंडे व खट्टे पदार्थों के सेवन से, गर्मी से आकर तुरन्त स्नान करने से, कुसमय स्नान से तथा […]