Month: April 2020

बड़हल/बड़हर खाने में सावधानी

बड़हर (लकुच) एक फल है। जिसका अचार भी बनाया जाता है। अष्टांगहृदयम् के अनुसार बड़हर का फल अधम गुणों वाला होता है तथा यह वात-पित्त-कफ आदि सभी दोषों को उभारने वाला होता है। –“फलानामवरं तत्र लकुचं सर्वदोषकृत्” 👉बड़हर के फल को उड़द की दाल, गुड़, दूध, दही तथा घी के […]

चेहरे की झाईं कैसे दूर करें

झाईं होने का कारण एवं लक्षण:- चिड़चिड़ापन, शोक एवं क्रोध के कारण उभरे वात-पित्त दोषों के प्रकोप से मुखमंडल पर साँवला चकत्ता पड़ जाता है। उसी को झाईं कहते हैं। आयुर्वेद में इसे ‘व्यङ्ग’ कहते हैं। – शोकक्रोधादिकुपिताद्वातपित्तान्मुखे तनु।श्यामलं मण्डलं व्यङ्गं, वक्त्रादन्यत्र नीलिका।।परुषं परुषस्पर्शं व्यङ्गं श्यावं च मारुतात्।पित्तात्ताम्रान्तमानीलं, श्वेतान्तं कण्डुमत्कफात्।।रक्ताद्रक्तान्तमाताम्र […]

लहसुन की खीर बनाने की विधि: टीबी, टाइफाइड और सायटिका में रामबाण

लहसुन की खीर दूर करे टीबी, सायटिका, हृदयरोग, विद्रधि (abscess) तथा विषम ज्वर:- लहसुन खीर बनाने की विधि:- 100ग्राम छिला तथा सुखाया हुआ लहसुन लें उसे आठ गुने अर्थात् 800ग्राम पानी और आठ गुने अर्थात् 800 ग्राम दूध को एकसाथ मिलाकर, उसमें डालकर पकाएं। जब पूरा पानी अर्थात् 800ग्राम पानी […]

हरड़ /हरीतकी के लाभ

हरड़ का परिचय:- यह त्रिफला (हरड़, बहेड़ा व आँवला ) में से एक है। हरीतकी दो प्रकार की होती है। छोटी हरड़ और बड़ी हरड़। छोटी हरड़ वस्तुतः हरीतकी के अपरिपक्व फल हैं। बड़ी हरड़ परिपक्व फल को कहा जाता है। हरीतकी में नमक को छोड़कर मधुरादि पाँचों रस वर्तमान […]

इन वेगों को रोकना हो सकता है घातक

शरीर में उत्पन्न होने वाले विभिन्न वेगों को न रोकें ऐसा आयुर्वेद बार-बार कहता है।फिर भी लोग किसी न किसी कारण से उन वेगों को रोकते हैं और गंभीर बीमारियों को उत्पन्न होने का रास्ता साफ करते हैं ।आज यह जानना आवश्यक है कि आयुर्वेद के अनुसार किन-किन शारीरिक वेगों […]

शोभांजन (सहजन) खायें: स्वस्थ बनें

  👉यदि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो सहजन को भोजन में शामिल करें।👉यदि आप कैल्शियम की कमीं का सामना कर रहे हैं तो सहजन का सेवन करें।👉यदि आप रक्ताल्पता (एनीमिया)से पीड़ित हैं तो खून की कमी दूर करने के लिए सहजन खायें।👉यदि आपको पाचन संबंधी समस्या रहती है […]

दालचीनी : स्वास्थ्य के लिए अमृत हमारी रसोईं से

  दालचीनी (Cinnamon) हमारे रसोईंघर में पाया जाने वाला मसाला है। जिसे हम गरम मसाले के रूप में प्रयोग करते हैं। छोला और उड़द की दाल में दालचीनी खड़े मसाले के रूप में प्रयोग में लायी जाती है। वस्तुतः ये एक वृक्ष की छाल है। इस प्रकार यह 100% प्राकृतिक […]

पीपल का फल: विभिन्न रोगों में लाभकारी

पीपल एक बहुत ही प्रतिष्ठित, चिरपरिचित वृक्ष है। मैदान से लेकर पहाड़ तक हर जगह पाया जाता है । यह इतना महत्वपूर्ण है क्योंकि श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान् कृष्ण ने कहा है- वृक्षाणां अश्वत्थोऽहं। अर्थात् वृक्षों में मैं पीपल हूँ । पीपल के फल के लाभ:- 1. शारीरिक कमजोरी/खून की कमीं […]

कोविड-19: डिप्रेशन से कैसे बचें-दूसरों को भी बचाएँ

अवसाद (dipression) किसी को भी हो सकता है। आवश्यक नहीं है कि व्यक्ति के जीवन में कुछ बुरा ही हो तभी उसे तनाव और अवसाद हो। सबकुछ अच्छा चल रहा हो तब भी डिप्रेशन हो सकता है। हमारे देश में अभी भी अवसाद को बीमारी नहीं समझा जाता। मानसिक बीमारियों […]

पौष्टिक गूलर: स्वास्थ्य के लिए वरदान

गूलर एक छायादार वृक्ष है। संस्कृत में इसे उदुम्बर कहते हैं। जिसमें वर्षभर फल आते रहते हैं। फूल कभी दिखाई नहीं पड़ता। इसीलिए न दिखाई पड़ने वाले और न होने वाले कार्य के लिए मुहावरा प्रसिद्ध है ‘गूलर का फूल’ । इसके फल के अंदर कुछ दिन बाद कीड़े पड़ […]