सूर्यप्रज्ञप्ति

सूर्यप्रज्ञप्ति भारतीय ज्योतिषशास्त्र का महत्वपूर्ण ग्रन्थ है। इसकी रचना प्राकृत भाषा में हुयी है और इसपर जैनविद्वान् मलयगिरि सूरि द्वारा रचित संस्कृत टीका प्राप्त होती है । इस ग्रंथ में सौरपरिवार और सूर्य की गति का वर्णन प्राप्त होता है। इसमें जम्बूद्वीप में दो सूर्य व दो चन्द्र का वर्णन है तथा प्रत्येक सूर्य के अट्ठाइस नक्षत्रों का भी वर्णन है।

सूर्यपरिवार एवं उसके भ्रमण का रोचक वर्णन इस ग्रन्थ में प्राप्त होता है।