लहसुन की खीर बनाने की विधि: टीबी, टाइफाइड और सायटिका में रामबाण

लहसुन की खीर दूर करे टीबी, सायटिका, हृदयरोग, विद्रधि (abscess) तथा विषम ज्वर:-

लहसुन खीर बनाने की विधि:-

100ग्राम छिला तथा सुखाया हुआ लहसुन लें

उसे आठ गुने अर्थात् 800ग्राम पानी और आठ गुने अर्थात् 800 ग्राम दूध को एकसाथ मिलाकर, उसमें डालकर पकाएं।

जब पूरा पानी अर्थात् 800ग्राम पानी जल जाय केवल 800ग्राम दूध बचे तब ठंडा करके यह दूध रोगी को पिलाइये।

बचा हुआ उबला लहसुन भी खाया जा सकता है।

यह दूध वातगुल्म, उदावर्त (अर्थात् मलबंध जो कब्ज के कारण होता है), गृध्रसी अर्थात् सायटिका, विषमज्वर अर्थात् टाइफाइड, विद्रधि(रोयां टूटने पर होने वाला दाना जिसमें मुँह नहीं दिखायी पड़ता और अंदर ही अंदर पकता रहता है) तथा शोष अर्थात् क्षय रोग को नष्ट करने वाला है।

अष्टांगहृदयम् में इसके गुण बताया गया है :-

साधयेच्छुद्धशुष्कस्य लशुनस्य चतुष्पलम्।
क्षीरोदकेऽष्टगुणिते क्षीरशेषं च पाचयेत्।
वातगुल्ममुदावर्तं गृध्रसी विषमज्वरम् ।
हृदयरोग विद्रधिं शोषं साधयत्याशु तत्पयः ।।
-अष्टांगहृदयम्, उत्तरस्थानम्

Note:- यह अनेक बार अनुभूत आयुर्वेद सम्मत प्रयोग है।

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