लम्बे समय से आँखों में लालिमा एवं जलन (conjunctivitis) दूर करने हेतु का सरल उपचार

ग्रीष्म और शीत ऋतु में प्रायः आँखें धूप और ठंड के कारण लाल हो जाती है और उनमें खुजली, जलन व पीड़ा भी होने लगती है। कई बार चिकित्सक के पास जाने और सामान्य चिकित्सा से आँख स्वस्थ हो जाती है परन्तु कई बार सभी प्रकार की चिकित्सा के बाद भी आँख महीनों तक लाल रहती है।

बीच बीच में ठीक होकर बार-बार लाल होने लगती है। सभी उपाय कर लेने पर कोई उपाय नहीं सूझता। अस्पताल का चक्कर अलग से लगाना पड़ता है और कई टेस्ट भी करवाने पड़ते हैं, जिसका लाभ और परिणाम शून्य होता है। ऐसे में हताश व्यक्ति बहुत चिन्तित रहता है क्योंकि आँख अत्यन्त महत्वपूर्ण अंग है।


तो इस समस्या के लिये प्रस्तुत है एक कारगर और बहु-परीक्षित उपाय:-

👉हरीतकी, बृहीतकी और आमलकी अर्थात् हरड़, बहेड़ा और आँवला रात में स्वच्छ जल में भिगो दें। प्रातः उसका पानी छानकर उससे आँख धोयें। ऐसा दिन में कई बार कर सकते हैं शीघ्र लाभ के लिए।


आप चाहें तो भिगोये हुये हरड़, बहेड़े आँवले को उसी जल में मसलकर फिर छान सकते हैं। प्रारंभ में एक दो बार आँख धुलने पर यह आँख में लगेगा परन्तु फिर आँख स्वस्थ होने लगेगी और अभ्यस्त भी हो जायेगी अतः धीरे-धीरे कम लगने लगेगा।


मात्रा: 2-3 सूखा आँवला, 2 हरड़,2 बहेड़ा।
यह बहुत बार आजमाया गया आयुर्वेद सम्मत उपाय है। इससे गम्भीर से गम्भीर आँखें स्वस्थ हो जाती हैं और फिर से आँखों में कोई समस्या होने की सम्भावना भी कम हो जाती है। दृष्टि भी साफ होती है।

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