परवल हृदय के लिए हितकारक

परवल (पटोल)/पटल) सभी स्थानों पर उपलब्ध एवं सर्वप्रिय शाक है। इसकी सब्जी प्रायः सभी घरों में बनती है। इसकी मिठाई भी बनायी जाती है। कुछ लोग परवल का रस भी सुपाच्य होंने के कारण पीते हैं। परवल का उपयोग तो हम सभी करते हैं परन्तु हममें से कुछ लोग ही इसके चमत्कारी है प्रभाव को जानते हैं। यह बहुत ही सुपाच्य है।
👉मियादी बुखार अर्थात् टायफॉईड में इसके सेवन से व्यक्ति शीघ्र स्वस्थ होता है।
परवल के सेवन से सभी प्रकार के हृदयरोगों में लाभ मिलता है तथा हृदय स्वस्थ रहता है।
इसके सेवन से त्वचा विकार भी ठीक होता है।
👉सुपाच्य होने के कारण अपच से उत्पन्न होने वाले सभी विकारों को यह दूर करता है।
इसका सेवन आयुर्वेद सम्मत है।
👉अष्टांगहृदयम् के सूत्रस्थान में इसके गुणों का वर्णन इस प्रकार है –
“हृद्यं पटोलं कृमिनुत्स्वादुपाकं रुचिप्रदम्।”अर्थात् परवल हृदय के लिए हितकारक, क्रिमिनाशक अर्थात् कीड़ों को नष्ट करने वाला, पचने में मधुर अर्थात् सुपाच्य तथा भोजन के प्रति इच्छा जगाने वाला है।👉परवल मौसमी संक्रमण अर्थात् सर्दी – जुकाम आदि में लाभदायक तथा उसे रोकने वाला है।
👉परवल के सेवन से पाचन तंत्र सही रहता है जिससे रक्त भी शुद्ध होता है।
👉 बहुत ही कम कैलोरी पाये जाने के कारण इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित रहता है।
👉जो कब्ज से पीड़ित हैं परवल उनके लिए वरदान है। वे परवल उबालकर या उसका रस निकालकर सेवन कर सकते हैं। इससे लम्बे समय से चली आ रही कब्ज की समस्या दूर होगी तथा साथ ही कब्ज से उत्पन्न मोटापा भी कम होगा।
👉मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित व्यक्तियों के लिए भी परवल एक अच्छा विकल्प है। इसके सेवन से मधुमेह नियंत्रित रहता है।
👉बच्चों को पेट में कीड़े होने पर भी एक-दो चम्मच परवल का रस नियमित पिलाने से कीड़े मर जाते हैं।

निर्देश: परवल का यथाशक्ति कम तेल और मसाले के साथ उपयोग करें जिससे अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके। तेल में तलकर और मसालों में भूनकर हम प्रायः पोषक तत्वों को नष्ट कर देते हैं।