दालचीनी : स्वास्थ्य के लिए अमृत हमारी रसोईं से

 

दालचीनी (Cinnamon) हमारे रसोईंघर में पाया जाने वाला मसाला है। जिसे हम गरम मसाले के रूप में प्रयोग करते हैं। छोला और उड़द की दाल में दालचीनी खड़े मसाले के रूप में प्रयोग में लायी जाती है। वस्तुतः ये एक वृक्ष की छाल है। इस प्रकार यह 100% प्राकृतिक है। इसका मूल्य भी इसके गुणों की तुलना में बहुत कम है। आईये जानते हैं दालचीनी के कुछ गुण :


1.यह मस्तिष्क की क्रियाशीलता को बढ़ाती है अतः काढ़े के रूप में इसका प्रयोग सप्ताह में तीन-चार बार किया जा सकता है।


2.हमें कोई भी रोग तब होता है जब हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। दालचीनी के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों के बार-बार होंने का भय नहीं रहता।


3.दालचीनी स्वाद में मधुर होने के कारण मधुमेह अर्थात् डायबिटीज के रोगियों के लिये चीनी का एक बेहतर विकल्प है क्योंकि इससे मधुर स्वाद भी मिलता है साथ ही पेट का हाजमा भी सही रहता है।


4.दालचीनी में किसी भी शोथ और सूजन को कम करने की क्षमता है इसलिये ये किसी भी कारण से मोटापाग्रस्त लोगों के लिये उपयोगी है।


6.दालचीनी का शहद अर्थात् मधु के साथ सेवन से व्यक्ति की ऊर्जा पूरे दिन बनी रहती है।


7.हाइपोथायराइड में भी दालचीनी का उपयोग लाभकारी है।


8.गले की खराश दूर करने में और पुनः गला न खराब हो यह सुनिश्चित करने में दालचीनी उपयोगी है।

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9.जिन लोगों को हर मौसम में नजला या धूल से एलर्जी के कारण जुकाम रहता है उनके लिये भी तीन माह तक लगातार दालचीनी का सेवन उत्तम है।


10.दालचीनी से बुरा कोलेस्ट्रोल कम होता है और गठिया के दर्द में भी आराम मिलता है।


11.दालचीनी की लकड़ी जल की अशुद्धियों को दूर करके जल को स्वच्छ व सुपाच्य बनाती है। राजस्थान के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में दालचीनी का प्रयोग जल-शुद्धि हेतु अभी भी करते हैं।
Note: बहुत लोगों का प्रश्न होता है कि दालचीनी खायेंगे कैसे? तो आप दालचीनी का सेवन कई प्रकार से कर सकते हैं, जिसमें आपकी सुविधा हो-


👉आप उसे उबालकर पी सकते हैं।


👉 सामान्य तापमान के जल में शहद के साथ दालचीनी पावडर घोलकर पी सकते हैं सुबह खाली पेट।


👉दाल या सब्जी में दालचीनी की लकड़ी डालकर उबालकर सेवन कर सकते हैं।


👉यह भी नहीं कर सकते तो चावल तो सबके यहाँ बनता होगा, आप चावल में डाल सकते हैं जैसे पुलाव में बहुत सी चीजे पड़ती हैं।


👉उन लोगों के लिए जो घरों से दूर रहते हैं, भोजन स्वयं नहीं पकाते, ऐसे लोग पीने के पानी में दो दिन के लिये या एक पूरी रात के लिये लकड़ी भिगो सकते हैं। इससे पानी का स्वाद भी मधुर हो जायेगा और दालचीनी का पूरा लाभ भी मिलेगा। जल में जो अशुद्धियाँ होंगी वे भी दूर होंगी।