आम्र/आम के लाभ

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आम को फलों का राजा कहा जाता है। आम स्वयं में सम्पूर्ण आहार है। आम का पत्ता, आम की मंजरी, कच्चा आम, पका आम से लेकर आम की गुठली और कच्चा आम दाल में उबालकर खाने के बाद उसकी बची गुठली तक खाने के काम आती है और औषधीय गुणों से भरपूर है।

विभिन्न प्रकार के आम के अलग-अलग लाभ हैं। परन्तु कुछ सामान्य लाभ हैं जैसे आम शरीर को पुष्ट करने वाला है तथा यौवन की रक्षा करने वाला है। आम आँखों, दाँतों तथा हड्डियों के लिये लाभदायक है। यह आमाशय को भी सुव्यवस्थित करता है। आम के विषय में अनेक कहावतें प्रचलित हैं जिनमें – ‘आम के आम गुठलियों के दाम’ पूरी तरह इसपर चरितार्थ होती है ।

हिन्दी साहित्य के मूर्धन्य विद्वान् आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने आम के विषय में लिखा है कि जो आम अधिक रसदार और रेशेदार होता है। वह उन्हें बहुत प्रिय है। यह सबसे गुणकारी आम होता है।

परम्परा में आम

भारतीय समाज में आम का बहुत महत्व है। आम के महत्व का आकलन इसी आधार पर किया जा सकता है कि अभी भी अनेक स्थानों पर विवाह के अवसर पर वर जब विवाह के लिये अपने घर से पर्स्थान करता है तो उसे विभिन्न देवी-देवताओं, देवस्थलों की परिक्रमा के साथ-साथ एक कुयें की परिक्रमा करनी पड़ती है। प्रायः गाँव में अनेक कुयें होते हैं। परन्तु वह किसी भी कुयें की परिक्रमा नहीं कर सकता। अपितु उसी कुयें की परिक्रमा उसे करनी होती है जिस कुयें का विधिविधानपूर्वक बगिया (बाग) से विवाह सम्पन्न हुआ होता है ।

संस्कृत साहित्य आम के वर्णन से भरा पड़ा है। कालिदास ने तो आम का विशेष वर्णन किया है।

कच्चे आम के लाभ

कच्चा आम स्वास्थ्य के लिये बहुत लाभदायक है इसीलिये इसके चटनी, अचार, जैम, पना, अमझोरा आदि बनता है। जो सुस्वादु होने के साथ भूख भी बढ़ाता है तथा पाचनशक्ति भी बढ़ाता है।

  • कच्चे आम में विटामिन सी होने से यह रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
  • यह कैल्शियम के पाचन में सहायता मिलती है तथा हड्डियाँ मजबूत होती हैं।
  • लू लगने पर कच्चे आम का शरबत, पना, अमझोरा बहुत लाभदायक है।
  • गर्मी ओर धूप से बचाने में भी कच्चे आम का शरबत बहुत लाभदायक है।
  • यह पाचनशक्ति मजबूत करता है।
  • भूख बढ़ाता है। कब्ज ओर जमे हुये मल को दूर करता है ।
  • यह बालों और नाखूनों के लिमे बहुत अच्छा है।
  • पित्त को दूर करने वाला है।

पके आम के लाभ

पके आम में जो आम सुगंधित और रस वाला होता है। तथा जो स्वतः पेड़ में ही पका होता है। वह सबसे अधिक गुणकारी होता है।

आजकल कृत्रिम रूप से पकाये गये आमों से बाजार भरा रहता है। इसीलिए अनेक बार ऐसे आम खाने से पकाने में प्रयुक्त रसायनों के कारण अनेक प्रकार की समस्या होती है। और लोग समझ लेते हैं कि आम खाने से ऐसा हो रहा है। जबकि वह आम पकाने के लिये डालें गये रसायनों के कारण होता है हो बहुत घातक होते हैं।ऐसे फलों से सावधान रहना चाहिये तथा सजगतापूर्वक इनका उपयोग करना चाहिए।

  • पका आम व्यक्ति में जीवनी शक्ति को जगाता है।
  • आर पके आमों के सेवन से कमजोर से कमजोर व्यक्ति पुष्ट हो जाता है।
  • यह यौवन की रक्षा के लिये रसामन सदृश है। अर्थात् रसीले पके आमों को खाने से वृद्धावस्था देर रहती है।
  • इसके सेवन से आँखों का तनाव दूर होता है तथा आँखों की ज्योति बढ़ती है।
  • दुर्बल लोगों के वजनवृद्धि में पके आमों का सेवन सहायक है।
  • पके आम के सेवन से वजन बढ़ता है यह एक प्रकार की भ्रांति है। पके आम के सेवन से शरीर स्वस्थ होता है।
  • पका आम खाने से अवसाद दूर होता है।
  • पका आम खाने से रक्ताल्पता भी दूर होती है और खून बढ़ता है।
  • इसके सेवन से पेट शाफ होता है तथा पेट में जमा मल दूर होता है। जिससे शरीर हल्का होता है।

आम के पत्ते के लाभ

आम क पल्लव का उपयोग भारतीय परम्परा सदा में बहुत पवित्र माना जाता है। आम और अशोक के पत्तों से वन्दनवार सजाने की भी परम्परा है। आम का पत्ता भी स्वास्थ्य के प्रति लाभदायक है।

  • आम के पत्ते को चबाने से मुँह के छाले में लाभ मिलता है।
  • आम का पत्ता उबालकर उस पानी से घाव धुलने पर वह कीटाणुनाशक जैसा प्रभाव डालता है।
  • आम के पत्ते को मसलकर सूँघने से तनाव दूर होता है।

आम की गुठली के लाभ

आम खाने के बाद उसकी जो गुठली बचती है। वह बहुत लाभदायक होती है। यह गुठली दो प्रकार की होती है एककच्चा आम उबालने पर उससे जो गुठली निकलती है।दूसरी पका आम खाने के बाद बची गुठली।

  • कच्चे आम को उबालने से बची गुठली को इकट्ठा करके रख देते हैं और वर्षा ऋतु में अथवा वर्षा ऋतु के पश्चात् इसको फोड़ कर खाते हैं।
  • पहले खाद्यान्न संकट के समय इसकी गिरी को कूटकर रोटी बनाकर भी खाते थे।
  • यह स्वाद में खट्टी-कसैली लगती है परन्तु खाकर पानी पीने पर मुँह का स्वाद मधुर हो जाता है ।
  • यह शरीर को पुष्ट करने वाली तथा हड्डियों को मजबूत करने वाली होती है।
  • वर्षा ऋतु में सड़ने के कारण इसमें खाने योग्य फफूँद विकसित हो जाते हैं। जिससे इसमें पर्चुर मात्रा में विटामिन बी12 पाया जाता है। इसी कारण यह मांसपेशियों और मस्तिष्क के लिये भी उत्तम होती है।
  • इसके सेवन से भूख खुलकर लगती है तथा पाचनशक्ति सुदृढ़ होती है।
  • पके आम की गुठली को जलाकर उससे उत्तम दन्तमंजन बनाया जाता है। जिससे दाँत स्वस्थ रहता है और कीड़े नहीं लगते।
  • इस मंजन से दाँतों का पीलापन भी दूर होता है।

इस प्रकार आम बहुत ही लाभदायक, पौष्टिक, रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाला, यौवन की रक्षा करने वाला फल है।