आँवला खाने की सरल विधि

आँवला अनेक रोगों की रामबाण औषधि है। आँवला खाने से हमारे शरीर में अम्ल व क्षार का अनुपात ठीक रहता है और यूरिक एसिड की समस्या नहीं होती। आँवले में प्रचुर मात्रा में आयरन और विटामिन सी पाया जाता है जो हमारे मांसपेशियों और मसूड़ों के लिए बहुत लाभदायक है। आँवला खाने से कब्ज आदि पेट के अनेक रोग नहीं होते तथा इन रोगों से मुक्ति मिलती है।
आँवला कोष्ठशोधक के साथ-साथ रक्तशोधक भी है।
आँवले के सेवन से बाल सफेद नहीं होता और यदि बाल सफेद होता भी है तो धीरे-धीरे काला होने लगता है।

आँवला रसायन है। इसलिए इसका सेवन सभी करना चाहते हैं पर कसैले स्वाद के कारण कर नहीं पाते। कुछ दिन आँवला खाने के बाद छोड़ देते हैं.
यहाँ प्रस्तुत है आँवला खाने की सरल विधि:

कच्चे आँवलों को धुलकर उबालें। ध्यान रहे कि उबालने हेतु पानी उतना ही डालें जिससे उबलने के बाद अधिक पानी शेष न बचे। कुछ चम्मच पानी शेष बचता है। उसे आप पी सकते हैं अथवा बालों में लगा सकते हैं। आँवला जब उबल जायेगा तो उसकी फाँकें चिटकने/अलग होने लगेगी। अब आँच पर से बर्तन को उतारकर आँवले को किसी थाली आदि में निकाल लें। ध्यान रहे कि आँवले में अधिक पानी न लगा हो।


अब इस उबले आँवले में स्वादानुसार नमक, हल्दी पावडर, इच्छानुसार मिर्च पावडर (वैकल्पिक) मिला दें। काली सरसो पीस लें और वह पिसी हुयी सरसो भी इसमें मिला दें। एक चम्मच सरसो का तेल मिलााएँ । यदि सरसो न हो अथवा पीसने की सुविधा न हो तो आप सरसो का तेल ही थोड़ा अधिक मिलाकर काम चला सकते हैं। बस सरसो की क्झार/कड़वी महक आनी चाहिये। अब इसे आप चार-पाँच दिन तक खा सकते हैं। इसे आप भोजन के साथ अचार अथवा सब्जी जैसे प्रयोग में ला सकते हैं।
यदि आपकी इच्छा हो तो जीरा, पिसी धनिया भी मिला सकते हैं।
इस प्रकार आँवले का नियमित आवश्यकतानुसार सेवन किया जा सकता है। स्वाद भी सेहत भी।